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मार्टिन लूथर किंग JR.

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मार्टिन लूथर किंग JR. मार्टिन लूथर किंग का जन्म 15 जनवरी, 1929 को  अटलांटा, जॉर्जिया   में हुआ था। किंग ने  पेंसिल्वेनिया  के स्कूल में तीन साल तक पढ़ाई की। वहाँ उन्होंने अहिंसक विरोध के बारे में सीखा। 15 साल की उम्र में उन्होंने अटलांटा के  मोरहाउस कॉलेज   में दाखिला लिया तथा 1948 में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। किंग ने 1955 में मैसाचुसेट्स में  बोस्टन विश्वविद्यालय  से डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। 1954 में, किंग  मोंटगोमरी , अलबामा  में एक बैपटिस्ट चर्च के पादरी भी बने। कम उम्र में ही उनके माता-पिता ने उन्हें सिखाया कि अश्वेत होने से वे गोरों से अलग नहीं हो जाते, क्योंकि ईश्वर ने सभी मनुष्यों को समान बनाया है। उन्हें बचपन में ही भेदभाव का सामना करना पड़ा था। इसलिए, उनका एक सपना था कि वे एक दिन बड़े होकर इसे रोकेंगे। कॉलेज में दाखिला लेने के बाद उन्हें अपने विचारों को दुनिया के सामने व्यक्त करने का अवसर मिला। मार्टिन लूथर किंग को नागरिक अधिकार आंदोलन के सबसे महत्वपूर्ण अफ्रीकी-अमेरिकी नेताओं में से एक माना जाता है। वह अफ्रीकी-अमेरिकिय...

इंशा साहित्य

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इंशा साहित्य  इंशा एक अरबी शब्द है जिसका अर्थ रचना अथवा निर्माण है। समय बीतने के साथ इंशा का तात्पर्य गद्य लेखन, पत्र, दस्तावेज़ एवं राजकीय कागजात की रचना से लगाया जाने लगा। इंशा गद्य लेखन का एक विशेष तरीका होता था जो साधारण गद्य लेखन से भिन्न था। धीरे धीरे यह शैली अरबी एवं फ़ारसी का एक विशिष्ट रूप बन गई। इंशा साहित्य को इसकी खूबियों की वजह से पढ़ा जाने लगा, इसकी अच्छाइयों और खामियों को जाना जाने लगा। पत्र लेखन व अन्य दस्तावेज इसका हिस्सा बने और इसकी अपनी एक अलग पहचान बन गयी। पत्र व्यवहार संदेशों को न केवल एक जगह से दूसरी जगह ले जाने का काम करते थे बल्कि साहित्य दृष्टि से भी बेहतरीन थे। उस समय के इतिहास को जानने के लिए उन्हें महत्वपूर्ण स्त्रोत माना जाता है। इंशा साहित्य से हमें मध्यकाल में प्रशासन के संचालन, सामाजिक-सांस्कृतिक स्थितियों और विचारों के विषय में भी प्राथमिक जानकरी उपलब्ध कराते है।  इंशा लेखन का इस्तेमाल अपनी आंतरिक भावनाओं को व्यक्त करने के लिए भी किया जाता था, किन्तु इसको लिखने की अपनी एक कला थी। इसे अर्थपूर्ण भाषा में लिखा जाता था। इसमें शब्दों का च...