संदेश

मार्च, 2023 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

काकतीय अभिलेख

चित्र
  काकतीय अभिलेख  काकतीय वंश ने 12वीं से 14वीं शताब्दी तक पूर्वी दक्कन क्षेत्र तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और ओडिशा के कुछ हिस्सों पर शासन किया। इस साम्राज्य की जानकारी का प्रमुख स्रोत लिखित अभिलेख (Inscriptions) है। यह अभिलेख, पत्थर, तांबे की प्लेटों और मंदिर की दीवारों पर उकेरे गए है जो काकतीयों साम्राज्य की वंशावली, राजनीतिक गतिविधियों, प्रशासन, अर्थव्यवस्था, समाज, धर्म और सांस्कृतिक योगदान के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं। काकतीय अभिलेख मुख्य रूप से तेलुगु और संस्कृत में लिखे गए। उल्लेखनीय अभिलेखों में बय्यारम टैंक शिलालेख, मोटुपल्ली शिलालेख, मंगल्लु शिलालेख और हनुमकोंडा शिलालेख शामिल हैं। विद्वान पी.वी. परब्रह्म शास्त्री के अनुसार काकतीय अभिलेख तेलुगु भाषा और साहित्य के विकास का "स्वर्णयुग" दिखाते हैं।  वंशावली की जानकारी शिलालेख काकतीय शासकों की वंशावली और कालक्रम को उजागर करते है। गणपति देवा (1199–1262) के शासनकाल में जारी बय्यारम टैंक शिलालेख , एक विस्तृत वंशावली सूची प्रदान करता है। यह शिलालेख वेन्ना, बीटा I, प्रोल I, और रुद्रदेवा जैसे पूर...

इंशा साहित्य

चित्र
इंशा साहित्य  इंशा एक अरबी शब्द है जिसका अर्थ रचना अथवा निर्माण है। समय बीतने के साथ इंशा का तात्पर्य गद्य लेखन, पत्र, दस्तावेज़ एवं राजकीय कागजात की रचना से लगाया जाने लगा। इंशा गद्य लेखन का एक विशेष तरीका होता था जो साधारण गद्य लेखन से भिन्न था। धीरे धीरे यह शैली अरबी एवं फ़ारसी का एक विशिष्ट रूप बन गई। इंशा साहित्य को इसकी खूबियों की वजह से पढ़ा जाने लगा, इसकी अच्छाइयों और खामियों को जाना जाने लगा। पत्र लेखन व अन्य दस्तावेज इसका हिस्सा बने और इसकी अपनी एक अलग पहचान बन गयी। पत्र व्यवहार संदेशों को न केवल एक जगह से दूसरी जगह ले जाने का काम करते थे बल्कि साहित्य दृष्टि से भी बेहतरीन थे। उस समय के इतिहास को जानने के लिए उन्हें महत्वपूर्ण स्त्रोत माना जाता है। इंशा साहित्य से हमें मध्यकाल में प्रशासन के संचालन, सामाजिक-सांस्कृतिक स्थितियों और विचारों के विषय में भी प्राथमिक जानकरी उपलब्ध कराते है।  इंशा लेखन का इस्तेमाल अपनी आंतरिक भावनाओं को व्यक्त करने के लिए भी किया जाता था, किन्तु इसको लिखने की अपनी एक कला थी। इसे अर्थपूर्ण भाषा में लिखा जाता था। इसमें शब्दों का च...