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पैट्रीशियन तथा प्लीबियन का संघर्ष

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  पैट्रीशियन तथा प्लीबियन का संघर्ष  “रोम में 510 ईसापूर्व में राजशाही का अंत हुआ तथा गणतंत्र की शुरुआत हुई। जिसमें राजनितिक सत्ता कुलीनों के हांथो में रही तथा उन्होंने इससे अकूत धन कमाया। जिसके चलते आमिर और गरीब के बीच की खाई बढ़ती गयी तथा निम्न वर्ग इनसे नाराज रहने लगा। इस प्रकार प्राचीन रोमन समाज दो वर्गो में विभाजित था - पैट्रिशियन और प्लीबियन । पैट्रिशियन में कुलीन वर्ग शामिल थे जो आर्थिक, राजनितिक और सामाजिक रूप से संपन्न थे। प्लीबियन में आम लोग, किसान तथा मजदुर शामिल थे। इनके बीच होने वाले संघर्ष को "श्रेणियों का टकराव" तथा "कॉन्फ्लिक्ट ऑफ द ऑर्डर्स" के नाम से जाना जाता है जो लगभग 494 ई• पू• से 287 ई• पू• तक चला। रोमन इतिहासकार टाइटस लिवियस के अनुसार, प्लीबियन और पैट्रीशियन के बीच संघर्ष एक सामाजिक और आर्थिक संघर्ष था, जिसमें प्लीबियन ने अपने अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी। विद्वान कार्ल मार्क्स के अनुसार यह इतिहास का सबसे पहला 'वर्ग-संघर्ष' है जिसने बाद के सामाजिक बदलावों की नींव रखी। वैवाहिक प्रतिबंध - 445 ई• पू• के बाद पैट्रिशियन और प्लीबियन के ...

1848 की क्रांतियां

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1848 की क्रांति 1848 का वर्ष यूरोप के इतिहास में " क्रांति का वर्ष " माना जाता है I उस वर्ष यूरोप में छोटी बड़ी 17 क्रांतियां हुई I सर्वप्रथम 14 मार्च को वियना में विद्रोह हुआ जिसके फलस्वरूप मेटरनिख को ऑस्ट्रिया छोड़कर भागना पड़ा I उसी सप्ताह इटली, जर्मनी, बोहेमिया, हंगरी, कोटिया में विद्रोह की आग भड़क उठी I 15 मार्च को पोप के राज्य में विद्रोह की लहर फ़ैल गयी और 18 मार्च को मिलान निवासियों ने विद्रोह का झण्डा खड़ा कर दिया I 22 मार्च को वेनिस ने अपनी स्वतंत्रता की घोषणा कर और दूसरे ही दिन सार्डिनिया के राजा चार्ल्स एल्बर्ट ने ऑस्ट्रिया  के विरुद्ध युद्ध की घोषणा कर दी I इसके पहले ही जर्मनी में 15 मार्च को बर्लिन में विद्रोह हो चूका था और फेड्रिक विलियम को विवश होकर समस्त जर्मन के लिए वैधानिक शासन का सिद्धांत स्वीकार करना पड़ा था I बवेरिया के लोगो ने अपने राजा को सिंहासन त्यागने पर विवश किया और अपने लिए एक उदार शासन स्थापित किया I ऐसे ही विद्रोह डेनमार्क , हॉलैंड, आयरलैंड आदि देशों में हुए I यहां तक की इंग्लैंड भी इस क्रांति से अछूता नहीं रह सका I  इतिहासकार हाब्सवाम के अनु...