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300 ई• और 750 ई• के बीच कृषि और सामाजिक परिवर्तन

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300 ई• और 750 ई• के बीच कृषि और सामाजिक परिवर्तन पृष्ठभूमि :- प्राचीन भारतीय समाज में वर्ण व्यवस्था विद्यमान् थी। यह व्यवस्था वैश्य कहलाने वाले किसानों, व्यवसायियों तथा शूद्र कहलाने वाले मज़दूरों पर आधारित थी। राजा के अधिकारी वैश्य से कर वसूलते थे जिससे वह अधिकारियों का वेतन चुकाते तथा पुरोहितों को दान-दक्षिणा देते थे, और स्वयं के लिए भोग-विलास की वस्तुएँ ख़रीदते थे। तीसरी तथा चौथी सदी में यह व्यवस्था चरमराने लगी। निचले वर्ण उच्च वर्ण बनने और उनके कर्मों को अपनाने लगे। अर्थात वह कर चुकाना और सेवा कार्य छोड़ने लगे, जिसने सामाजिक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त किया। वह वर्णभेद के बंधनों को तोड़ने लगे क्योंकि उत्पादक वर्ग कारों के बोझ से पीड़ित था और राजा उस वर्ग की रक्षा नहीं करता था। इस स्थिति से निपटने के लिए राजाओं द्वारा एक कारगर क़दम उठाया गया। जिसके अंतर्गत ब्राह्मणों और अधिकारियों को वेतन के बदले भूमि अनुदान दिया जाने लगा। जिससे राजकीय भूमि से कर वसूल करने और शांति व्यवस्था बनाए रखने का भार भूमि अनुदान प्राप्तकर्ता के ऊपर चला गया। साथ ही उन्हें वहाँ के मूलनिवासियों को वर्ण व्यवस्था को ...

1848 की क्रांतियां

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1848 की क्रांति 1848 का वर्ष यूरोप के इतिहास में " क्रांति का वर्ष " माना जाता है I उस वर्ष यूरोप में छोटी बड़ी 17 क्रांतियां हुई I सर्वप्रथम 14 मार्च को वियना में विद्रोह हुआ जिसके फलस्वरूप मेटरनिख को ऑस्ट्रिया छोड़कर भागना पड़ा I उसी सप्ताह इटली, जर्मनी, बोहेमिया, हंगरी, कोटिया में विद्रोह की आग भड़क उठी I 15 मार्च को पोप के राज्य में विद्रोह की लहर फ़ैल गयी और 18 मार्च को मिलान निवासियों ने विद्रोह का झण्डा खड़ा कर दिया I 22 मार्च को वेनिस ने अपनी स्वतंत्रता की घोषणा कर और दूसरे ही दिन सार्डिनिया के राजा चार्ल्स एल्बर्ट ने ऑस्ट्रिया  के विरुद्ध युद्ध की घोषणा कर दी I इसके पहले ही जर्मनी में 15 मार्च को बर्लिन में विद्रोह हो चूका था और फेड्रिक विलियम को विवश होकर समस्त जर्मन के लिए वैधानिक शासन का सिद्धांत स्वीकार करना पड़ा था I बवेरिया के लोगो ने अपने राजा को सिंहासन त्यागने पर विवश किया और अपने लिए एक उदार शासन स्थापित किया I ऐसे ही विद्रोह डेनमार्क , हॉलैंड, आयरलैंड आदि देशों में हुए I यहां तक की इंग्लैंड भी इस क्रांति से अछूता नहीं रह सका I  इतिहासकार हाब्सवाम के अनु...