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काकतीय अभिलेख

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  काकतीय अभिलेख  काकतीय वंश ने 12वीं से 14वीं शताब्दी तक पूर्वी दक्कन क्षेत्र तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और ओडिशा के कुछ हिस्सों पर शासन किया। इस साम्राज्य की जानकारी का प्रमुख स्रोत लिखित अभिलेख (Inscriptions) है। यह अभिलेख, पत्थर, तांबे की प्लेटों और मंदिर की दीवारों पर उकेरे गए है जो काकतीयों साम्राज्य की वंशावली, राजनीतिक गतिविधियों, प्रशासन, अर्थव्यवस्था, समाज, धर्म और सांस्कृतिक योगदान के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं। काकतीय अभिलेख मुख्य रूप से तेलुगु और संस्कृत में लिखे गए। उल्लेखनीय अभिलेखों में बय्यारम टैंक शिलालेख, मोटुपल्ली शिलालेख, मंगल्लु शिलालेख और हनुमकोंडा शिलालेख शामिल हैं। विद्वान पी.वी. परब्रह्म शास्त्री के अनुसार काकतीय अभिलेख तेलुगु भाषा और साहित्य के विकास का "स्वर्णयुग" दिखाते हैं।  वंशावली की जानकारी शिलालेख काकतीय शासकों की वंशावली और कालक्रम को उजागर करते है। गणपति देवा (1199–1262) के शासनकाल में जारी बय्यारम टैंक शिलालेख , एक विस्तृत वंशावली सूची प्रदान करता है। यह शिलालेख वेन्ना, बीटा I, प्रोल I, और रुद्रदेवा जैसे पूर...

अमेरिका के गृह युद्ध के कारण एवं परिणाम

प्रश्न:- अमेरिका के गृह युद्ध के कारण एवं परिणाम का वर्णन कीजिए। परिचय:- अमेरिका ने 1763 से 1793 के बीच तीन दशकों में अपनी स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया। फलस्वरुप 4 जुलाई 1776 को अमेरिका के 13 उपनिवेशों ने अपनी स्वतंत्रता की घोषणा कर दी। स्वतंत्रता की घोषणा ने सभी उपनिवेशों को स्वतंत्र राज्य घोषित किया। अमेरिका के संविधान में यह घोषणा की गई थी कि "सब मनुष्य जन्म से बराबर है" किंतु यह बात गौरे लोगों पर लागू होती थी कालो पर नहीं। स्वतंत्रता की घोषणा के बाद भी काले लोगों की स्थिति दास जैसी बनी रही। इन काले लोगों को स्वतंत्रता के अधिकार दिलाने के लिए अमेरिका के उत्तरी तथा दक्षिणी राज्यों के बीच 4 वर्ष तक संघर्ष चला। अमेरिका के इतिहास में इसे गृह-युद्ध के नाम से पुकारा जाता है। इस संघर्ष के अंत में अब्राहम लिंकन के प्रयासों के कारण 1863 में दास प्रथा की समाप्ति की घोषणा की गई। लिंकन ने यथार्थ रूप में संयुक्त राष्ट्र का निर्माण किया। इसके अलावा संघ के राज्यों में भी आपसी द्वेष की भावना व्याप्त थी। भौगोलिक और आर्थिक दृष्टि से भी संघ के सदस्यों में असमानता थी। उत्तरी राज्य जहां साधन ...