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300 ई• और 750 ई• के बीच कृषि और सामाजिक परिवर्तन

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300 ई• और 750 ई• के बीच कृषि और सामाजिक परिवर्तन पृष्ठभूमि :- प्राचीन भारतीय समाज में वर्ण व्यवस्था विद्यमान् थी। यह व्यवस्था वैश्य कहलाने वाले किसानों, व्यवसायियों तथा शूद्र कहलाने वाले मज़दूरों पर आधारित थी। राजा के अधिकारी वैश्य से कर वसूलते थे जिससे वह अधिकारियों का वेतन चुकाते तथा पुरोहितों को दान-दक्षिणा देते थे, और स्वयं के लिए भोग-विलास की वस्तुएँ ख़रीदते थे। तीसरी तथा चौथी सदी में यह व्यवस्था चरमराने लगी। निचले वर्ण उच्च वर्ण बनने और उनके कर्मों को अपनाने लगे। अर्थात वह कर चुकाना और सेवा कार्य छोड़ने लगे, जिसने सामाजिक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त किया। वह वर्णभेद के बंधनों को तोड़ने लगे क्योंकि उत्पादक वर्ग कारों के बोझ से पीड़ित था और राजा उस वर्ग की रक्षा नहीं करता था। इस स्थिति से निपटने के लिए राजाओं द्वारा एक कारगर क़दम उठाया गया। जिसके अंतर्गत ब्राह्मणों और अधिकारियों को वेतन के बदले भूमि अनुदान दिया जाने लगा। जिससे राजकीय भूमि से कर वसूल करने और शांति व्यवस्था बनाए रखने का भार भूमि अनुदान प्राप्तकर्ता के ऊपर चला गया। साथ ही उन्हें वहाँ के मूलनिवासियों को वर्ण व्यवस्था को ...

खुश्चेव की विदेश नीति

खुश्चेव की विदेश नीति निकिता खुश्चेव 1953 से 1964 तक सोवियत संघ के नेता थे। खुश्चेव ने एक ऐसी विदेश नीति अपनाई जिसका उद्देश्य सोवियत हितों को बढ़ावा देना और दुनिया भर में सोवियत प्रभाव का विस्तार करना था। 8 फरवरी 1955 को मालनकोव ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया जिसके बाद बुलगानिन प्रधानमंत्री बना और निकिता खुश्चेव को दल का सचिव बनाया गया। इन दोनों के द्वारा अपनाई गई विदेश नीति को "बुलगानिन खुश्चेव कूटनीतिज्ञता" के नाम से जाना जाता है। किंतु 3 साल बाद 1958 में खुश्चेव ने स्वयं को प्रधानमंत्री एवं दल के सचिव के रूप में स्थापित कर लिया। बुलगानिन के पतन के बाद खुश्चेव विदेश नीति का वास्तविक प्रमुख बन गया। इसके बाद आंतरिक एवं विदेशी राजनीति में निकिता खुश्चेव सबसे शक्तिशाली व्यक्ति के रूप में उभरा। उसे अंतर्राष्ट्रीय संबंधों और आंतरिक विषयों की पर्याप्त जानकारी थी, इसी योग्यता के बल पर वह विदेश नीति को एक नया रूप देने में सफल हुआ। 1955-56 के मध्य खुश्चेव के उत्कर्ष के साथ सोवियत संघ एक "सुपर शक्ति" बन गया। स्तालिन के विकास कार्यों का लाभ खुश्चेव को विरासत में मि...