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300 ई• और 750 ई• के बीच कृषि और सामाजिक परिवर्तन

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300 ई• और 750 ई• के बीच कृषि और सामाजिक परिवर्तन पृष्ठभूमि :- प्राचीन भारतीय समाज में वर्ण व्यवस्था विद्यमान् थी। यह व्यवस्था वैश्य कहलाने वाले किसानों, व्यवसायियों तथा शूद्र कहलाने वाले मज़दूरों पर आधारित थी। राजा के अधिकारी वैश्य से कर वसूलते थे जिससे वह अधिकारियों का वेतन चुकाते तथा पुरोहितों को दान-दक्षिणा देते थे, और स्वयं के लिए भोग-विलास की वस्तुएँ ख़रीदते थे। तीसरी तथा चौथी सदी में यह व्यवस्था चरमराने लगी। निचले वर्ण उच्च वर्ण बनने और उनके कर्मों को अपनाने लगे। अर्थात वह कर चुकाना और सेवा कार्य छोड़ने लगे, जिसने सामाजिक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त किया। वह वर्णभेद के बंधनों को तोड़ने लगे क्योंकि उत्पादक वर्ग कारों के बोझ से पीड़ित था और राजा उस वर्ग की रक्षा नहीं करता था। इस स्थिति से निपटने के लिए राजाओं द्वारा एक कारगर क़दम उठाया गया। जिसके अंतर्गत ब्राह्मणों और अधिकारियों को वेतन के बदले भूमि अनुदान दिया जाने लगा। जिससे राजकीय भूमि से कर वसूल करने और शांति व्यवस्था बनाए रखने का भार भूमि अनुदान प्राप्तकर्ता के ऊपर चला गया। साथ ही उन्हें वहाँ के मूलनिवासियों को वर्ण व्यवस्था को ...

1812 के युद्ध के कारण और परिणाम

प्रश्न:- 1812 के युद्ध के कारणों और परिणामों का वर्णन कीजिए। परिचय:- 1812 का युद्ध अमेरिका और ब्रिटेन के बीच लड़ा गया। यह युद्ध मुक्त सागर और नाविक अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ा गया था। किंतु युद्ध का कारण विवादास्पद बना रहा। कुछ लोग मानते हैं कि यह युद्ध सीमांत भूमि के लिए लड़ा गया, किंतु कुछ लोगों का मानना है कि यह युद्ध मुक्त सागर के लिए लड़ा गया। न्यू इंग्लैंड के व्यापारियों ने इस युद्ध का विरोध किया और इसे मेडिसन का युद्ध बतलाया। इसने इंडियन व्यवधान को तोड़ दिया जो उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम विस्तार के मार्ग में बाधा थे। युद्ध के फलस्वरुप व्यापार-व्यवसाय को प्रोत्साहन मिला और औघोगिक श्रेष्ठता की ओर अग्रसर हुआ। इस युद्ध का अंत 1815 में हुआ। यह वर्ष संयुक्त राज्य और विश्व के अन्य देशों के साथ उसके संबंधों के लिए युगांतकारी साबित हुआ। पहले यह देश यूरोपीय मामलों में उलझा रहता था और इसका अधिकांश ध्यान विदेशिक मामलों में केंद्रित रहता था। लेकिन युद्ध के बाद यह अपना अधिकांश ध्यान गृह-मामलों में केंद्रित करने लगा। लगभग एक शताब्दी तक वैदेशिक मामलों की अपेक्षा गृह मामलों की प्राथमिकता बन...

अमेरिका के संविधान का निर्माण

प्रश्न:- (1787) अमेरिका के संविधान के निर्माण का विस्तार से वर्णन कीजिए। परिचय:- 1776 में जिस समय अमेरिका को आजादी मिली, तब वहां कॉन्टिनेंटल कांग्रेस के अलावा कोई भी केंद्र सरकार नहीं थी। जिसका प्रमुख उद्देश्य युद्ध के संचालन को देखना था। क्योंकि इस कांग्रेस में विधानमंडल, कार्यपालिका तथा न्यायपालिका जैसी एक भी संस्था नहीं थी। 1777 में कॉन्टिनेंटल कांग्रेस ने संघ के अनुच्छेदों की नियमावली (article of confederation) को अपनाया तथा राज्यों की स्वीकृति के लिए भेज दिया। इस संघ को विदेशों के साथ राजनीतिक संबंधों का संचालन करने तथा रक्षा आदि मामलों में अधिकार प्राप्त थे, लेकिन न तो यह कर लगा सकता था और न ही व्यापार तथा वाणिज्य से संबंधित इसे कोई अधिकार प्राप्त था। इस नियमावली के अधीन प्रत्येक अमेरिकी राज्य को प्रभुता संपन्न तथा स्वतंत्र मान लिया गया लेकिन उनसे अपेक्षा की गई कि वह कांग्रेस की सिफारिशों को अवश्य लागू करें। इस संघ में प्रत्येक राज्य को अलग-अलग एक-एक वोट प्राप्त था। बिना राज्यों की अनुमति के नियमावली में संशोधन नहीं किया जा सकता था। प्रत्येक राज्य के अपने अलग-अलग न्यायालय थे। धन ...