संदेश

जनवरी, 2025 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

मार्टिन लूथर किंग JR.

चित्र
मार्टिन लूथर किंग JR. मार्टिन लूथर किंग का जन्म 15 जनवरी, 1929 को  अटलांटा, जॉर्जिया   में हुआ था। किंग ने  पेंसिल्वेनिया  के स्कूल में तीन साल तक पढ़ाई की। वहाँ उन्होंने अहिंसक विरोध के बारे में सीखा। 15 साल की उम्र में उन्होंने अटलांटा के  मोरहाउस कॉलेज   में दाखिला लिया तथा 1948 में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। किंग ने 1955 में मैसाचुसेट्स में  बोस्टन विश्वविद्यालय  से डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। 1954 में, किंग  मोंटगोमरी , अलबामा  में एक बैपटिस्ट चर्च के पादरी भी बने। कम उम्र में ही उनके माता-पिता ने उन्हें सिखाया कि अश्वेत होने से वे गोरों से अलग नहीं हो जाते, क्योंकि ईश्वर ने सभी मनुष्यों को समान बनाया है। उन्हें बचपन में ही भेदभाव का सामना करना पड़ा था। इसलिए, उनका एक सपना था कि वे एक दिन बड़े होकर इसे रोकेंगे। कॉलेज में दाखिला लेने के बाद उन्हें अपने विचारों को दुनिया के सामने व्यक्त करने का अवसर मिला। मार्टिन लूथर किंग को नागरिक अधिकार आंदोलन के सबसे महत्वपूर्ण अफ्रीकी-अमेरिकी नेताओं में से एक माना जाता है। वह अफ्रीकी-अमेरिकिय...

एंड्रयू जैकसन की नीतियाँ एवं कार्य

प्रश्न:- एंड्रयू जैकसन की नीतियों एवं कार्यों का विस्तार से वर्णन कीजिए। परिचय:- एंड्रयू जैक्सन ने अमेरिकी राजनीति को बहुत समय तक प्रभावित किया। उसने एक चुंबक की भांति अपने मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित किया। जैक्सन ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत दक्षिण कैरोलिना की संवैधानिक सभा के सदस्य के रूप में की। लेकिन जैक्सन को राजनीतिक जीवन की अपेक्षा सैनिक जीवन अधिक पसंद था। अत: व स्थानीय सेना में भर्ती हो गया। 1813-14 में उसने क्रिकों को पराजित किया जिससे उसे मेजर जनरल का पद मिल गया। आगे चलकर अंग्रेजी सेना को पराजित करने से उसकी गणना महान विजेताओं में होने लगी। 1821 में उसे फ्लोरिडा का सैनिक गवर्नर बनाया गया, लेकिन उसने शीघ्र ही परित्याग कर दिया। 1823 में वह सीनेट का सदस्य निर्वाचित हुआ, लेकिन 1825 में उसने इससे भी इस्तीफा दे दिया। 1824 में राष्ट्रपति के पद के लिए उन्हें चुनाव में सबसे अधिक मत मिले लेकिन ऐडम्स और किले की साजिश के कारण कांग्रेस में उन्हे विजय नहीं मिल पाई। 1828 में जॉन क्विंसी ऐडम्स को पराजित कर वह राष्ट्रपति बने।  अपने उद्घाटन भाषण में जैक्सन ने घोषणा की थी कि संघीय प्रशास...

मुगल दरबार में फारसी भाषा का विकास

चित्र
मुगल दरबार में फारसी भाषा का विकास  भारत में फ़ारसी भाषा का उद्भव मुगल साम्राज्य में हुआ क्योंकि पहला मुगल सम्राट बाबर अफ़ग़ानिस्तान से आया था। फ़ारसी ईरान की मूल भाषा थी और अफ़ग़ानिस्तान में भी इसका इस्तेमाल किया जाता था। इस वजह से जब मुगल भारत आए, तो वह अपने साथ फ़ारसी भाषा भी लाए। मुगल साम्राज्य में फ़ारसी भाषा का इस्तेमाल दरबारी कामों और लेखन के लिए किया जाता था। यह भाषा मुगल साम्राज्य के प्रशासन, संस्कृति और साहित्य की आम भाषा बन गई। मुगल काल के विभिन्न ऐतिहासिक दस्तावेजों, कला, वास्तुकला और साहित्य में फारसी का प्रयोग किया जाने लगा, जिसमें मुगल साम्राज्य के संस्थापक बाबर की प्रसिद्ध आत्मकथा बाबरनामा भी शामिल है। पृष्ठभूमि: मुगल शासक तुर्क-मंगोल मूल के थे, जिनकी मातृभाषा तुर्की थी। मध्य एशिया में उनके साम्राज्य के विस्तार के दौरान, वे फारसी संस्कृति और साहित्य के संपर्क में आए और फारसी उनकी दूसरी भाषा बन गई। ईरान में सफाविद वंश का शासन था। मुगल और सफाविद वंश के बीच सांस्कृतिक संबंध थे। इस संबंध के कारण फारसी भाषा भारत में और अधिक प्रचलित हुई। इसीलिए मुगल दरबार मे...

कू क्लक्स क्लान (Ku Klux Klan)

चित्र
कू क्लक्स क्लान कू क्लक्स क्लान इस गुप्त संगठन की स्थापना सन् 1866 में हुई थी। इसकी स्थापना टेनेसी के छोटे से शहर पुलास्की में प्रमुख स्थानीय वकीलों और राजनेताओं के बेटों द्वारा की गई थी। यह संगठन जब बना तो इसका स्वरूप एक समाजसेवी था औरे गोरे नवयुवक इसके सदस्य थे। बाद में यह संगठन असामाजिक कार्रवाइयों में लिप्त होकर बदनाम हो गया। इस बदनाम संगठन ने दक्षिण के काले लोगों पर जुल्म ढाना शुरु कर दिया। इनकी गैरकानूनी अदालत की सुनवाई के बाद काले अपराधीयों पर कोड़े बरसाए जाते, उसे गोली मार दी जाती या कभी-कभी फाँसी पर भी लटका दिया जाता। इस प्रकार की हरकतों के पीछे का मुख्य कारण "अश्वेत पुनर्निर्माण" के प्रति रोष प्रकट करना था, साथ ही ये घटनाएँ काले लोगों को अपने बराबर का नागरिक मानने के बारे में गोरे लोगों की अस्वीकृति का भी संकेत थीं। कू क्लक्स क्लान 1870 तक दक्षिण के सभी राज्यों में फैल गया और रिपब्लिकन पार्टी की पुनर्निर्माण युग की नीतियों के खिलाफ़ श्वेत दक्षिणी विरोध का वाहक बन गया, जिसका उद्देश्य अश्वेत अमेरिकियों के लिए राजनीतिक और आर्थिक समानता स्थापित करना था। इसके सदस्यों न...